वो.. काली रात…

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Hi..everyone. मेरा नाम अवनी है और मैं रांची से Belong करती हूँ। मैं एक सिंपल लड़की हूँ, मेरी age 20 साल हो चुकी है। लेकिन मेरा बचपना आज तक नहीं गया। मेरी फैमिली में मैं सबसे छोटी हूँ इसलिये सब मुझे बहुत प्यार करते हैं। मेरे घर में मम्मी पापा और एक बड़ा भाई है। जो मुझे अपनी जान से भी ज्यादा प्यार करते हैं। लेकिन मेरी लाइफ के कुछ पल ऐसे भी है जिन्हें याद करके मेरे रोंगटे खड़े हो जाते है। यह बात तब की है जब में 10 class में थी और मैं दूसरे स्कूल में गयी थी। मेरा पहला स्कूल घर से बहुत दूर होने की वजह से पापा ने मुझे भाई के साथ पास के ही स्कूल में एडमीशन करवा दिया।
स्कूल का पहला दिन था मैं टाइम से स्कूल पहुंच गयी। वहां मुझे मेरे बचपन की दोस्त किरण भी मिल गयी लेकिन वो सेक्शन B में थी और मैं सेक्शन A में तो वो मुझे लंच में अपने साथ अपनी क्लास में ले गयी। वहां जाते ही मैंने एक लड़के को देखा जो कुछ सोच रहा था। उसे देखते ही मुझे उस पर crush हो गया। मैं बार-बार बातें करते हुए उसे देख रही थी लेकिन वो अलग ही अपनी सोच में डूबा था। थोड़ी देर बाद उसका ध्यान मेरी तरफ गया तो वो भी मुझे देख रहा था, शायद मैं स्कूल में न्यू थी इसलिए। लेकिन बार-बार मेरा ध्यान उस पर ही जा रहा था और शायद वो यह बात समझ गया तो मुझे थोड़ी घबराहट होने लगी और मैं किरण को bye… बोल कर अपनी क्लास में चली गयी। लेकिन अब जब भी मौका मिलता तो उसे देख लेती, और कभी-कभी किरण के बहाने उसकी क्लास में भी चली जाती। एक दिन मैंने किरण से कहा यार ये लड़का कितना handsome है न। तो किरण ने कहा बोल तो बात करवाऊँ क्या, मैंने बोला नहीं नहीं पागल है क्या मैं क्या बात करुंगी। लेकिन मेरे जाने के बाद किरण ने उसे बता दिया। और शाम को किरण मेरे घर आयी और बोली रोहन भी तुझे like करता है। तो मैंने पूछा कौन रोहन तो किरण ने कहा आज तू जिसके बारे में बोल रही थी, उसी का नाम रोहन है। मैं किरण पर बहुत गुस्सा हुई, लेकिन अब किया भी क्या जा सकता था। अब सारी रात में बस यही सोच रही थी कि कल स्कूल में क्या होगा। अगर कहीं रोहन ने मुझसे पूछ लिया तो मैं क्या करूंगी। न जाने जितने सवाल एक साथ मेरे दिमाग में चल रहे थे और इसी डर की वजह से मैं करीब 3-4 दिन स्कूल नहीं गयी। तो किरण मेरे से मिलने आयी और बोली तू स्कूल क्यों नहीं आ रही रोहन तेरे बारें में रोज पूछता है। मैंने उसे समझाया कि यार मेैं क्या बात करुंगी। तो किरण ने कहा रोहन तेरा number मांग रहा था तो मैंने उसे तेरा number दे दिया। मैंने उसे बोला कि यार तूने यह क्या किया लेकिन कहीं न कहीं मैं खुश भी थी। उसी रात लगभग 9 बजे के आस पास रोहन का hi… का मैसेज आया और धीरे-धीरे हमारी बातें स्टार्ट हो गयी। अब में स्कूल भी जाने लगी और लंच का वक़्त में और रोहन साथ में ही रहते थे और लंच भी एक साथ करने लगे। इसके कुछ दिनों बाद ही रोहन ने मुझे फ़ोन पर प्रोपोज किया और मैंने भी उसे हा कह दिया। अब मैं बहुत खुश थी, यह मेरा पहला प्यार था। अब हम स्कूल में बहुत वक़्त साथ बिताने लगे जब मौका मिलता तो रोहन मेरी क्लास में आ जाता और हम साथ बैठ कर बाते करते। धीरे-धीरे हमारी लव स्टोरी की ख़बर पूरे स्कूल में फैल गयी। धीरे-धीरे लोग मुझे रोहन के बारे में बाते बताने लगे। उन्होंने बताया कि तेरे से पहले भी रोहन की कई गर्लफ्रैंड रह चुकी हैं और उसकी ex अभी उसके साथ उसी की क्लास में पड़ती है और दोनों अभी भी बहुत close हैं। मुझे उनकी बात पर यक़ीन नही हुआ तो मैंने क्लास ख़त्म होने के बाद रोहन से यह सब clear करने का सोचा। तो रोहन ने कहा हां यह बात सच है कि मेरी ex से मेैं आज भी बात करता हूँ, लेकिन अब मैं उसे प्यार नहीं करता मैं सिर्फ तुम्हे चाहता हूँ। रोहन के थोडा समझने के बाद मैंने उसकी बात पर यकीन कर लिया। और हमारा रिश्ता फिर पहले जैसा चलने लगा। लेकिन एक दिन स्कूल में एक फंक्शन था जिसके लिए मैं डांस प्रैक्टिस कर रही थी। और तभी रोहन की ex मेरे पास आयी और जोर-जोर से मुझ पर चिल्लाने लगी कि मैं उसके और रोहन के बीच आ रही हूँ, मैंने उसे कहा कि मैं बीच में नहीं आ रही बल्कि वो हमारे बीच आ रही है। तो उसने कहा कि वो और रोहन आज भी relationship में हैं और उनका रिश्ता बहुत आगे बढ़ चूका है। मुझे उसकी यह बात सुन कर बहुत गुस्सा आया और मैं उसे रोहन से बात करवाने ले गयी। तो वहां उसके सामने रोहन पलट गया कि मैं और रोहन बस एक अच्छे दोस्त हैं। और वो उसकी एक्स को समझने लगा। मैं गुस्से में वहां से चली गयी। घर आने के बाद में सारी रात रोती रही और गुस्से में आकर एक गलत फैसला ले लिया और मैने सुसाइड करने का फैसला किया। यह मेरी लाइफ की सबसे बड़ी भूल थी, क्योंकि यह सब मैं उस लड़के के लिए करने जा रही थी जो मेरी फीलिंंग्स के साथ खेल रहा था। मैं लास्ट बार रोहन को सुनाना चाहती थी और गुस्से मैं रोहन को फ़ोन करती हुई मैं रात के करीब 2:30 बजे घर से बहार चली गयी। लेकिन रस्ते में मुझे अहसास हुआ कि मैं यह सब किसकी खातिर करने जा रही हूँ, जो मुझे इतने वक़्त से सिर्फ एक खिलौना समझ रहा रहा था। और मेरा परिवार जो मुझे इतना प्यार करता है उसका क्या। यह सोच कर में वापस आने लगी। अब मेरा गुस्सा शांत हो चुका था और अब मुझे डर भी लग रहा था क्योंकि मैं घर से बहुत दूर आ चुकी थी। मैंने सोचा पापा या भाई को फ़ोन कर के बुला लेती हूँ लेकिन फिर लगा उनसे क्या कहूँगी। यह सोचते सोचते मैं घर जा रही थी, मेरे कदम डर की वजह से बहुत तेज चल रहे थे। मैंने सोचा किसी से मदद मांग लू लेकिन इतनी रात को किससे मदद करने के लिए कहती। थोड़ी दूर चलते चलते मुझे 3-4 औरते दिखाई दी। मैने उनके पास जा कर मुझे घर तक छोड़ने के लिए कहा। उन आंटियो की age लगभग 30-40 साल रही होगी। उनमें से एक ने कहा, कहां रहती हैं लड़की तू तो मैंने घबराते हुए उन्हें अपनी कॉलोनी का एड्रेस बता दिया और वो मुझे घर तक छोड़ने का बोल कर साथ चलने लगी। लेकिन वो मुझे दूसरे रस्ते से ले जा रही थी मैंने बोला आंटी जी यहाँ से क्यों जा रही हो यह रास्ता बहुत खराब है, आप वहां से चलो तो उनमें से एक ने मेरा हाथ पकड़ कर बोला यहाँ से चल कुछ नही होगा हम ले जायेंगे तुझे ठीक से तेरे घर। मुझे उनका इरादा कुछ ठीक नहीं लगा। मैं उनसे हाथ छुड़ाते हुए बोली आंटी जी यहाँ से मैं चली जाउंगी अब पास ही तो है आप जाओ। तो वो मेरा हाथ पकड़ कर उधर जबरदस्ती ले जाने लगी। मैं डर गयी और छुड़ाने की कोशिश करने लगी। तभी उन लोगों ने कस कर मुझे पकड़ लिया और एक ने मेरे मुँह पर साड़ी से बांध कर मुँह बंद करने की कोशिश करने लगी। जब मैं उनके काबू में नही आ पा रही थी तो उनमे से एक आंटी ने पास से एक पत्थर उठा कर मेरे सर पर मार दिया मेरे सिर से खून बहने लगा और मैं बेहोश हो गयी। मैं पूरी तरह बेहोश नहीं हुई थी लेकिन मैं सुध बुध खो चुकी थी और मैं किसी बात का विरोध नहीं कर पा रही थी। उन लोगों ने किसी को फ़ोन किया और वो गाड़ी लेकर आ गया। लेकिन जब वो मुझे ले कर जा रहे थे तभी पेट्रोल पंप के पास खड़े एक अंकल ने देख लिया और वो अंकल पापा के साथ ही थाने में थे इस वजह से वो मुझे पहचान गए। अपने पीछे पुलिस की बाइक आते देख उन लोगों ने मुझे गाड़ी से नीचे गिरा दिया और भाग गए। उन अंकल ने पापा को फ़ोन कर के बुलाया और मुझे अस्पताल लेकर गए। जिसके बाद में बच तो गयी लेकिन उस काली रात की याद हमेशा के लिए मेरे दिलों दिमाग पर छा गयी। आज भी मेरे मम्मी पापा उस रात को याद कर के कॉप उठते हैं।
यह स्टोरी में इसलिए share नही कर रही कि किसी को पढ़ कर अच्छा लगे या मजा आये बल्कि इसलिए share कर रही हूँ ताकि जो मेरे साथ हुआ वो किसी और के साथ न हो।

Written by- aditya sen
Edit by- vipin uttam

3 Comments

  1. mansi says:

    sachh apki story ne mujhe darra hi diyaa. soch ke bhi darr lagta hai apki jagah main hoti to kya hota.

  2. mansi says:

    terimeristory.com plz esi or real story post karo..

  3. Arjun kumar says:

    Me bohot stories to nahi padta lekin seriously Avni you nailed it…

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