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My love...सोल्जर

Soldier.
Hi… मेरा नाम वेदांत है और मैं एक आर्मी ऑफिसर हूँ। मैं अपनी ज़िंदगी से खुश हूं। मैंने कभी सोचा नहीं था कि ज़िंदगी में कोई ऐसा आएगा, जो मेरे लिए अपनी जान से भी प्यारा बन जाएगा। आम तौर पर लोगों को पहले प्यार होता है और फिर वह शादी करते है, लेकिन भगवान ने मेरे लिए कुछ और ही सोच रखा था। जब मैं छुट्टियों में घर आया तो मेरे घर में सब मेरी शादी का विचार बना रहे थे। इतनी जल्दी शादी मुझे उम्मीद भी नहीं थी और न ही इच्छा थी। लेकिन अपने घर वालों के जोर देने पर पिता जी ने हमारे ही समाज के एक अच्छे घर में मेरी शादी कर दी। मैं शादी से बहुत खुश नहीं था, शायद अभी इतनी बड़ी जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार नहीं था। जिसकी वजह से अक्सर मैं अपनी वाइफ से किसी न किसी बात पर गुस्सा हो जाता था। हमेशा लड़ाई-झगड़े होने लगे थे। मैं चिल्लाता रहता और सुमन चुपचाप मेरी बातें सुनती रहती। कभी कभी रोने लगती। लेकिन गुस्सा शांत होने के बाद मुझे इस बात का बहुत अफ़सोस होता था कि मैं बेवजह उस पर गुस्सा करता रहता हूँ। वो फिर भी मेरी ख़ुशी के लिए हर वो कोशिश करती हैं। जिससे मैं एक पल उससे मुस्कुरा के बात करूं। शादी के कुछ दिनो बाद ही मेरी पोस्टिंग छत्तीसगढ़ के नक्सली इलाके में कर दी गयी। वहां अक्सर फायरिंग होती रहती थी। एक दिन इलाके में मुआयना करते वक्त हमारी टुकड़ी पर कुछ नक्सलियों ने हमला कर दिया। उस हमले में मेरे पेट में गोली लगने से मैं गंभीर रूप से घायल हो गया। मेरी हालात खतरे से बाहर आने पर मुझे देखभाल के लिए घर भेज दिया गया। जब मैं घर पहुंचा तो सुमन का रो-रो कर बुरा हाल हो गया था। उसे इस हालत में देखकर मुझे बहुत बुरा लगा। मुझे हर वो बात याद आ रही थी जो मैं गुस्से में सुमन को सुनाया करता था। फिर भी वो मेरे जैसे आदमी के लिए इतना क्यों रो रही थी?
सुमन ने दिन रात मेरी सेवा की, यहाँ तक कि मुझे मेरे हाथों से पानी तक नहीं पीने देती थी। उसका यूं प्यार जताना मुझे अच्छा लगने लगा था। जब वो मुझे अपने हाथों से खाना खिलाती तो मैं जान मुझे कर उसके हाथ को अपने होंठो से छूने की कोशिश करता था। मैंने पहली बार सुमन को अपने इतने करीब पाया था। पहली बार उसके रूप को दिल से निहारा था। मुझे उससे प्यार होने लगा था, मैं अब कोशिश करता कि उससे प्यार से बात करूं। मेरे प्यार से बुलाने से ही सुमन खिल उठती है। उसने शादी के बंधन में बांधते वक़्त ही मुझे अपना सबकुछ मन लिया था। लेकिन मैंने ही उसके प्यार को समझने में इतनी बड़ी भूल कर दी थी। अब मैं ठीक होने लगा था। मेरा घाव लगभग पूरी तरह से भर चुका था। अब मैं सुमन को ज्यादा से ज्यादा वक़्त देने की कोशिश करने लगा। पहले जितना मेरे दिल में सुमन के लिए कड़वाहट थी आज उतनी ही मोहब्बत है।
मैं खुश हूँ…
आज यकीन करता हूँ कि प्यार दिल से किया जाये तो हालात कैसे भी हो, आपका प्यार आपको मिलता ही है।
हो सकता है थोड़ा वक़्त लगे पर मिलेगा जरूर…

Written by- ADITYA SEN
Edit by- VIPPIN UTTAM

2 Comments

  1. Saina khan says:

    एक सैनिक की ज़िंदगी मुश्किलों से भरी होती है। उसके जीवन में प्यार कम नफरत ज्यादा होता है। इस कहानी में फौजी के जीवन में जिस तरह मोहब्बत को दर्शाया गया है। यह बहुत ही सराहनीय है।

  2. Sujeet says:

    Nice story

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